भ्रातृप्रेम का प्रत्यक्ष विग्रह है भरतकूप का जल – आचार्य

स्वरूपनगर l
काली मठिया के महाकालेश्वर मन्दिर में आयोजित श्रीराम कथा के सप्तम दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल जी ने कहा कि परिश्रमपूर्वक विविध तीर्थों से संगृहीत जल को व्यर्थ में कहीं पर गिरा देने की अपेक्षा त्रिकालज्ञ एवं परमतपस्वी महर्षि अत्रि की दिव्यदृष्टि में अनादिकाल से सिद्धिदायक स्थल में सुरक्षित कराके भ्रातृवर भरत के द्वारा विश्व के प्राणियों का महान् उपकार किया गया है,भरतकूप का जल श्रीरामजी के अनुपम भ्रातृप्रेम का प्रत्यक्ष विग्रह है,जो आज भी प्राणिमात्र के कल्याणार्थ सुलभ है तथा प्राणियों में भ्रातृभाव को सतत जागरित करता है,चरण पादुका देकर भगवान् ने भरत जी को अयोध्या की ओर प्रस्थान कराया, इस अवसर पर बाल योगी चैतन्य अरुण पुरी जी महाराज का भी उद्बोधन भक्तों को प्राप्त हुआ, साथ ही दादा नगर कोको स्टेट के अध्यक्ष विजय कपूर जी के द्वारा आरती एवं पूजा की गई, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख सुरेश जी भाई साहब एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कानपुर प्रांत के प्रांत कार्यालय प्रमुख संतोष जी भाई साहब सीनियर एडवोकेट राजेश ठाकुर, वेडनेसडे शिक्षा निकेतन के प्रधानाचार्य बृजमोहन सिंह मंदिर के महंत ज्योतिषाचार्य नरेंद्र शास्त्री, सुषमा द्विवेदी सुरभित द्विवेदी, गीता निगम दीपा निगम, मीना अग्रवाल आदि भक्त उपस्थित रहे

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